Holy scripture

Monday, October 22, 2018

''परमात्मा साकर है ,नराकार है'' यह निष्कर्ष है सर्व सद्ग्रन्थों तथा परमात्मा प्राप्त सन्तो का

 वेदों में प्रमाण है की कबीर साहिब ही भगवान है
परमात्मा साकार है
जितने भी सन्त महात्मा हुए है, जिन को परमात्मा मिले है ,उन्होंने कोई धर्म विशेष की स्थापना नही की |उन्होंने धर्मिकता का उभारा है तथा यथार्थ भगति को उजागर करने कि कोसिस की है |
परन्तु समय बीत जाने पर वह एक धर्म अथार्थ समुदाय का रुप ले लेता है |जैसे सिख धर्म बना ,वैसे ही बिश्नोई धर्म बन गया पहले यह सब हिन्दू धर्म को मानने वाला थे परंतु हिन्दू ध में सत्य साधना नही रही थी वर्तमान में दोनों ही धर्म में वह भगति तथा मर्यादा नही रही इसका  पुनः  उतथान मेरे गुरु जी (सन्त रामपाल जी )के द्वारा किया जा रहा है वही यथार्थ भगति तथा मर्यादा पालन करवाई जा रही है जो ऊपरोक्त महापुरष करते थे और करवाते थे  उपरोक्त महात्माओं के  साथ उस समय बहुत व्यक्तियों ने विरोध किया उनको भला बुरा भी कहा परन्तु सन्त अपने उद्देश्य पर अडिग रहते थे क्योंकि वह मानव कल्याण के लिए ही जन्म लेते है वर्तमान में  मेरे गुरु जी(सन्त रामपाल जी)महाराज के साथ अन्याय वह अत्याचार हो रहा है कैसे बदनाम किया जा रहा है परंतु सत्य को मिटाया नही जा सकता इस अध्यात्म ज्ञान के तूफान को कोई रोक नही सकता अब सत्य  आध्यत्म ज्ञान का विस्फ़ोट होगा
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