अंधश्रद्धा भक्ति खतरा ए जान
शिव लिंग की पूजा कैसे प्रारंभ हुई
पूर्व काल में जो पहला कल्प जो लोक में विख्यात है। उसमें महात्मा ब्रह्मा और विष्णु का परस्पर युद्ध हुआ । उनके मान को दूर करने को उनके बीच में निष्कल पल परमात्मा ने स्तम्भरूप अपना स्वरूप दिखाया। तब जगत की हित की इच्छा से निर्गुण शिव ने उस तेजोमयस्तम्भ से अपना लिंग आकार का स्वरूप दिखाया उस दिन से लोक में वह निष्कल शिवजी का लिंग विख्यात हुआ।
इसके पश्चात यह बेशर्म पूजा सब हिंदुओं में देखा देखी चल रही है। आप मंदिर में शिवलिंग को देखना उसके चारों और स्त्री इंद्री का चित्र है। जिसमें शिवलिंग प्रविष्ट दिखाई देता है ।यह पूजा काल ब्रह्मा ने प्रचलित करके मानव समाज को दिशाहीन कर दिया वेदों तथा गीता के विपरीत साधना बता दी।
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